Wednesday, November 26, 2008

क्‍या बाल ठाकरे हिन्‍दू नहीं - व्‍यंग्‍य

शिवसेना शिरोमणी बाल ठाकरे को आखिर सदबुद्धि आ ही गयी और उन्‍होंने मांग की है कि हिन्‍दुओं को भी आत्‍मघाती दस्‍ता बना ही लेना चाहिए। हां यह तो सही है टिट फार टैट या विषह विषस्‍य औषधम। जैसे को तैसा मिलना ही चाहिए अब अगर आपको बैल सींग मारे तो आपको भी सींग लगवा लेना चाहिए। पर एक शंका होती है कि क्‍या ठाकरे हिन्‍दू नहीं हैं या फिर वह हिन्‍दुओं के आदर्श होने से डरते हैं। नहीं तो क्‍या कारण है कि वे आगे आकर उनका पथ प्रदर्शन नहीं करते। वे आत्‍मघात कर राह दिखाएं सारे हिन्‍दू उनकी राह पर चल पडेंगे। हिन्‍दू तो भेंड हैं जिस राह उनका नेता चलेगा उस राह चल देंगे उनके अपने विचार तो होते नहीं। वे तो मूक भक्‍त जीव हैं।
क्‍या तमाशा है कि तमाम भाजपा नेता अपने इस सहयोगी दल के नेता के इस बयान की निंदा कर रहे हैं। वे तो ठाकरे की मूल भावना को समझ ही नहीं रहे। दरअसल ठाकरे इस तरह हिन्‍दुओं के बीच से तमाम अतिवादी तत्‍वों का सफाया चाहते हैं। कि उनके बयान पर तमाम अतिवादी हिन्‍दू आगे आकर अपनी जान दे देंगे और आगे उनकी राह हमेशा की तरह निष्‍कंटक रहेगी। ना चरमपंथी रहेंगे ना वे इस चरमपंथी को चुनौती देंगे। आखिर हिन्‍दुओं की सुशील छवि का भी तो सवाल है। इस तरह सारे अतिपंथी हिन्‍दू सामने आकर शहीद हो जाएंगे तो बचे हुए हिन्‍दू खुद सुशील कहलाएंगे। राम राम सत्‍य है...

Thursday, July 17, 2008

हउ बबवा त चल गइल हो बबा ...

हउ बबवा त चल गइल हो बबा..
कौन बबवा रे, हमरा छोड के अउरो कवनो बाबा बा का ए भुइ्ंलोटन
अरे हम उ सिधेसर बबा के बारे में कहत हइ्ं
कावन उ सिधेसरा , ओकरा त सीधे परलोक जाए के लिखले रहे , हमरा से नू ओकर जनमपतरी देखवे के चाहत रहे..
पर बबा - बाकी बबवा सब त ओकर लहास लेके बइठल बाडे से कि उ फेर से जी जइहें..
अरे भुइंलोटन, इ कुल्‍ह बोका हवन स ससुर के नाती, अब मरलो घेाड़ा घास खाला, एह ससुरन के पहिले ना बुझात रहे कि गडही में जाए के पहिले ओहमें एकाध भुड़की छोड देवे के चाहीं, त ससुर चल रहन चमत्‍कार देखावे , का त भुइं समाधी
हं बबा ... पर लोग त कहता कि सांचो के उ बबवा चमत्‍कारी रहे, इ त इशर के परकोप रहे कि उ मर गइलें ना त हरदम त उहे जात रहलन समाधि में...
अरे बुडबक.. इ सब चानस के बात ह ... एकाध बेरी बांच के आ गइलन ससुर त चमत्‍कारी बबा हो गइलन, इहां लोग जिनगी भर भू पर लोटत रहता त कवनो चमत्‍कार ना हेाखे आ इ सात दिन जमीन में धंस के बइठ जइहें त चमत्‍कार हो जाई अरे इ सब लाफासूटिंग ढेर देखले बानी इ अस्‍सी साला जिनगी में , छोड इ लइकपुराण कुछ अउर बात कर ए भुइंलोटन...
अउर का कहीं ए बबा... हमार त पराण ओही बबवा में अंटकल बा... बेचारा कतना तडप तडप के मरल होइ उ गडही में, आउर बाहर सब लोग समाधि के इंतजार में ढोल बजावत होई ... राम राम

ई अखबरवा वोला रोज कहरलेसअ काहे हो

ए बबुआ भुर्इंलोटन
एगो बात हमरा ना बुझाला
का बबा..
कि इ अखबरवा वोला ससुर रोज अतना कहरले स काहे
मतलब बबा..
मतबल इ भुईंलोटन कि अब आज के खबरिया के हेडिंगवा देखअ, अरे इ आज के अखबार के दुई नमर पनवा पर देख का लिखले बा - घंटी गिरोह का कहर, लोग गए सिहर
हं बबा ..
का हं बबा, बकलोले हर्इस का रे, सब बात में बस हं बबा .... अरे गिरोह का कहर, पर लोग सिहरेला जाड़ से, त इ कहर से सिहरावता ससुर के नाती
अब‍ हम का कहीं ए बबा, नया जमाना ह इ
का नया जमाना ह रे , अब इ तीन नमर पन्‍ना पर देख - फिर ब्‍लू लाइन का कहर, आ चार नमर पन्‍ना पर देख - यमुनापार में लुटेरों का कहर- त हमार कहनाम बा कि इ अतना कहरलेस काहे ।
ए से अच्‍छा त इ होइत कि उपर एगो हेडिंग लगा देतन स बोल्‍ड अस्‍सी में कहर आउर नीचे सब खबर एक प एक धान के बोरा लेखा सरिया देतन स- ब्‍लू लाइन का, गिरोह का, लुटेरन का
हं बबा ... इ त निमन सुझाव बा त एकरा पैठा दिहीं ना चिटठी लिखके ... लगले हाथे ...